रामपुर एकलव्य विद्यालय में छात्रों काजोरदार विरोध प्रदर्शन, प्राचार्य पर गंभीर आरोप
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Students Protest Against Principal at Rampur Eklavya School
रामपुर एकलव्य विद्यालय के छात्रों ने प्राचार्य पर बदसलूकी के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया, एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भोजन, छात्रावास व्यवस्था और अनुशासन के नाम पर परेशान किए जाने से छात्र लंबे समय से नाराज थे।
एसडीएम अनुराग सिंह के हस्तक्षेप और कार्रवाई के आश्वासन के बाद छात्रों का प्रदर्शन शांत हुआ।
जबलपुर/ रामपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास के छात्र-छात्राएं प्राचार्य के कथित दुर्व्यवहार और लगातार परेशान किए जाने से नाराज होकर सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने विद्यालय परिसर से पैदल कलेक्टर कार्यालय की ओर मार्च किया और इस दौरान प्राचार्य के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी शिकायतें प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एकलव्य विद्यालय के छात्रों में लंबे समय से असंतोष बना हुआ था। छात्रों का आरोप है कि विद्यालय के प्राचार्य का व्यवहार उनके प्रति अपमानजनक है और अनुशासन के नाम पर आए दिन मानसिक रूप से परेशान किया जाता है। भोजन की गुणवत्ता, छात्रावास में रहने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी छात्रों ने गंभीर शिकायतें की हैं।
छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई बार अपनी समस्याओं को लेकर विद्यालय प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन उनकी बातों को लगातार अनसुना किया गया। इससे आक्रोशित होकर छात्र-छात्राएं सामूहिक रूप से विद्यालय परिसर से बाहर निकले और कलेक्टर कार्यालय तक पैदल जाने लगे।
छात्रों के सड़कों पर उतरने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। रास्ते में ही छात्रों को रोक लिया गया, जहां एसडीएम अनुराग सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्वक बातचीत की और उनकी सभी शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना।
छात्रों ने एसडीएम को बताया कि लगातार तनावपूर्ण माहौल के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है और ऐसे वातावरण में रहना मुश्किल हो गया है। एसडीएम अनुराग सिंह ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन द्वारा कार्रवाई के आश्वासन के बाद छात्रों का गुस्सा शांत हुआ और वे वापस विद्यालय लौट गए। फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में है और छात्रों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा। यह घटना आवासीय विद्यालयों में छात्र कल्याण और संवाद की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाती है।